छोटा जवाब
टेक्सटाइल colour separation में design को हर ink के लिए एक flat layer में बाँटा जाता है, और हर layer एक screen बनती है। ज़्यादातर कपड़े की printing में CMYK dots की जगह spot colour (हर ink अपने exact shade में मिलाई जाती है) चलते हैं, इसलिए 6 colour के design में 6 screen लगती हैं।
मुख्य बातें
- एक ink मतलब एक screen। 6 colour के design में 6 screen लगेंगी, और हर extra colour खर्च बढ़ाता है।
- पहले colours कम करके साफ़ करें: scan में तीन मिलते-जुलते red तीन अलग screen बन जाते हैं।
- Printer से पूछें कितना trap देना है; एक गाइड लगभग 0.2 से 0.5 mm overlap बताती है।
- Vertical repeat को screen से मिलाएँ, जैसे 640 mm screen पर 320 mm (एक चक्कर में दो)।
- कम मीटर के order में digital आमतौर पर सस्ता है; break-even के अंदाज़े 1,200 से 5,000 m तक हैं।
Colour separation का मतलब है design को हर ink के लिए एक अलग layer में बाँटना। Screen printing में हर layer अपनी अलग screen पर expose या engrave होती है, इसलिए design में जितने colour, उतनी screen।
खर्च का बड़ा हिस्सा इन्हीं screens का होता है। अगर आप Surat, Jetpur या Ahmedabad की किसी mill या print house के लिए design बनाते हैं, तो engraver के पास असल में यही separated file जाती है।
इस गाइड में देखेंगे कि separation कैसे होता है, खर्च किन चीज़ों से बढ़ता है, और file ऐसी कैसे बनाएँ कि सवालों के साथ वापस न आए।
Colour separation क्या है
मान लीजिए कपड़े पर एक red motif है, एक green पत्ती, एक yellow butta और navy ground। यानी चार ink। Screen printing के लिए design को चार अलग images में तोड़ा जाता है। हर image में जहाँ वो ink पड़नी है वहाँ black होता है, बाकी सब खाली।
हर image एक screen बनती है: flatbed table के लिए flat screen, या rotary machine के लिए nickel का cylinder। फिर printer हर ink को shade में मिलाता है और एक के बाद एक कपड़े पर print करता है।
Photoshop में ये अलग-अलग images spot channels के रूप में रखी जाती हैं। जिस file में सिर्फ़ spot channels हों (RGB या CMYK नहीं), उसे multichannel file कहते हैं।
Textile CAD programs यही काम अपनी colour list से करते हैं, और idea वही है: एक colour, एक channel, एक screen।
Spot और process (CMYK)
Separation के दो मुख्य तरीके हैं।
Spot colour separation: हर colour अपनी अलग ink है, जो exact shade में मिलाई जाती है (अक्सर Pantone TCX card या buyer के swatch से match करके)। हर ink का channel ज़्यादातर solid होता है, sharp edges के साथ।
Fabric printers spot colour पसंद करते हैं क्योंकि हर ink solid layer में पड़ती है, तो colours साफ़ और गहरे आते हैं। ये तरीका dark ground पर भी चलता है और light पर भी।
Process (CMYK) separation: design को CMYK channels में बाँटा जाता है, और चार inks के छोटे-छोटे halftone dots आँख में मिलकर बाकी colours बनाते हैं। Magazines ऐसे ही print होती हैं। कपड़े पर चारों transparent process inks को light ground चाहिए, और result spot inks जितना चमकदार नहीं आता।
Textile mills में ज़्यादातर spot colour चलता है। एक आम saree, dress material या bedsheet design में 4 से 12 flat colours होते हैं, और buyer चाहता है कि हर colour shade card से match हो। Spot separation से ये control मिलता है।
ध्यान दें: Soft shading वाले photographic designs अलग हैं। आजकल इनमें से ज़्यादातर digital print पर जाते हैं, जहाँ separation की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।
एक तीसरा तरीका है simulated process या index separation, जिसमें कुछ spot inks के dots या dither pattern से photographic shading की नकल की जाती है। T-shirt पर ये आम है, पर मीटर वाले कपड़े (yardage) की printing में कम।
Separation कैसे होता है
Photoshop में हाथ से
बहुत से job work designers Photoshop में separation करते हैं। आमतौर पर steps ये हैं:
- Design को final colours की संख्या तक कम करें। Image > Mode > Indexed Color में ठीक अपनी inks के colours वाली custom palette लें, dither को none रखें, ताकि हर pixel आपकी किसी एक ink का बन जाए।
- Result साफ़ करें। Zoom करके अकेले बिखरे pixels और noise हटाएँ, ख़ासकर जहाँ दो colour मिलते हैं।
- हर colour को select करें (Select > Color Range, या anti-alias बंद करके Magic Wand) और selection को channel के रूप में save करें।
- हर saved channel को spot channel बनाएँ और उसे ink का colour दें, ताकि preview print जैसा दिखे। Photoshop की "solidity" setting सिर्फ़ screen पर preview बदलती है; output पर उसका कोई असर नहीं होता।
- RGB channels delete करें, check करें कि हर pixel किसी न किसी channel में है, और spot channels रखते हुए PSD या TIFF में save करें।
ये तरीका चलता है, पर बारीक florals में बहुत समय लेता है। सबसे ज़्यादा घंटे सफ़ाई वाले step में जाते हैं।
Textile CAD software से
NedGraphics, Arahne जैसे textile CAD programs, जो Indian mills में चलते हैं, इसका बहुत सा काम automatic कर देते हैं। आप colours की संख्या चुनते हैं, program scan या painted design को उतने colours में ले आता है, और cleaning tools बिखरे pixels हटा देते हैं।
ज़्यादातर programs में repeat, colorways और engraver के लिए separation output भी उसी में हो जाता है। दिक्कत खर्च और training की है, इसीलिए बहुत से छोटे studios अभी भी Photoshop पर काम करते हैं।
Colours और screen का खर्च
हर extra colour मतलब एक और screen बनानी, रखनी, लगानी और धोनी। खर्च मुख्य रूप से इनसे बढ़ता है:
| खर्च कहाँ से | Colours के साथ क्यों बढ़ता है |
|---|---|
| Screens | हर colour की एक। हर design के लिए नई screen बनानी या re-engrave करनी पड़ती है। |
| Engraving | हर screen उसके separation से अलग engrave होती है। |
| Strike-off (sampling) | Run से पहले हर screen लगती है और हर ink का shade कपड़े पर check होता है। |
| Set-up और धुलाई का समय | Designs के बीच ज़्यादा screens लगानी, register करनी और धोनी पड़ती हैं। |
| Colorways | Screens दोबारा काम आ सकती हैं, पर हर colorway की ink अलग मिलानी और approve करानी पड़ती है। |
रुपये में rates शहर, mill और order size के हिसाब से बदलते हैं, और बहुत कम कहीं छपे मिलते हैं। हमें एक आँकड़ा मिला: 2018 में एक Indian textile professional की तुलना में हर rotary screen लगभग ₹3,500 की बताई गई थी, engraving अलग से।
उसी तुलना में कहा गया था कि एक strike-off sample का खर्च per-metre order price का 3 से 4 गुना हो सकता है। इन्हें मोटा और पुराना reference मानें, और अपने printer से आज के rates पूछें।
उदाहरण: अगर हर screen का खर्च तय है, तो 10 colour वाले design में screen का खर्च 3 colour वाले design के तीन गुने से भी ज़्यादा होगा, और ये एक मीटर print होने से पहले ही लग जाता है। इसीलिए designers से कहा जाता है "इसे 8 colour में लाओ", और इसीलिए separation और colour कम करना साथ-साथ चलते हैं।
Rotary machines की एक पक्की limit भी है। Industry sources में लगभग 12 से 24 screen चलाने वाली rotary machines का ज़िक्र है, और design में machine की screen positions से ज़्यादा colour नहीं हो सकते।
Trapping, half-tones और fall-on
Trapping (overlap)
चलते कपड़े पर screens कभी बिल्कुल perfect line में नहीं बैठतीं। अगर file में दो colour किनारे से किनारा मिलते हैं, तो ज़रा सा खिसकने पर बीच में बिना print की पतली सफ़ेद लाइन रह जाती है।
Trapping इसे ठीक करता है: एक colour को थोड़ा बड़ा कर दिया जाता है, ताकि पास वाले colours थोड़ा overlap करें। एक separation गाइड लगभग 0.2 से 0.5 mm overlap की सलाह देती है। सही मात्रा कपड़े, machine और printer पर depend करती है, इसलिए separation से पहले पूछ लें।
सुझाव: आमतौर पर हल्के colour को गहरे colour के नीचे फैलाया जाता है, ताकि overlap दिखे नहीं।
Half-tones
Half-tone एक ink के हल्के shade को dots के pattern में बदल देता है। Red का 40% dot area pink जैसा दिखता है, उसी red screen से।
Half-tones के लिए बारीक screen mesh चाहिए। Screen बनाने वाले भारी, solid coverage के लिए मोटी mesh और बारीक details व half-tones के लिए बारीक mesh बताते हैं।
Rotary printing के लिए एक गाइड लगभग 30 से 55 lines per inch का halftone range देती है, जो paper printing से काफ़ी मोटा है, क्योंकि कपड़ा ink को फैला देता है। Engraver से हमेशा check करें कि उनकी screens कौन सी half-tone settings पकड़ पाएँगी।
Fall-on effects
जब दो transparent inks एक के ऊपर एक print होती हैं, तो कपड़े पर मिलकर तीसरा colour बनाती हैं। Blue के ऊपर yellow print करो तो green बनता है। Textile designers इसे fall-on कहते हैं।
सोच-समझकर किया जाए तो fall-on बिना extra screen के एक extra shade दे देता है। बिना planning के ये हर उस जगह गहरी outline बनकर दिखता है जहाँ आपका trap overlap करता है।
अगर fall-on चाहिए, तो उस हिस्से को दोनों channels के overlap के रूप में बनाइए, और printer को बताइए कि कौन सी inks एक के ऊपर एक पड़नी हैं।
Rotary screen के लिए repeat size
Rotary machine में screen एक cylinder होती है। Cylinder का एक चक्कर design की एक लंबाई print करता है, इसलिए vertical repeat को screen की circumference में ठीक-ठीक fit होना चाहिए, या उसमें पूरा-पूरा बँटना चाहिए। ऐसा न हो तो हर चक्कर पर एक जोड़ दिखेगा।
Screen बनाने वाले और calculators आम circumference 640 mm, 819 mm (अक्सर 820 बोलते हैं), 914 mm और 1018 mm बताते हैं। कुछ suppliers 530, 688 और 725 mm भी रखते हैं। Repeat शुरू करने से पहले अपनी mill से पूछ लें कि उनकी machine कौन सी screen लेती है।
300 DPI पर हर size कितने pixel बनता है (mm ÷ 25.4 = inch, फिर × 300):
| Screen circumference | Inch में | 300 DPI पर pixel (एक पूरा चक्कर) | जो repeat इसमें पूरे-पूरे बँटते हैं |
|---|---|---|---|
| 640 mm | 25.20 in | 7,559 px | 320 mm (एक चक्कर में 2), 160 mm (एक चक्कर में 4) |
| 819 mm | 32.24 in | 9,673 px | 409.5 mm (एक चक्कर में 2), 273 mm (एक चक्कर में 3) |
| 914 mm | 35.98 in | 10,795 px | 457 mm (एक चक्कर में 2) |
| 1018 mm | 40.08 in | 12,024 px | 509 mm (एक चक्कर में 2) |
उदाहरण: 30 cm repeat वाला design 640 mm screen में fit नहीं होगा। उसे 320 mm (एक चक्कर में दो repeat) या 213.3 mm (एक चक्कर में तीन) पर resize करना होगा। ये design stage में ही करें, क्योंकि बनी हुई separation को खींचने से आपका trapping भी खिंच जाता है।
हमारा fabric DPI calculator किसी भी लंबाई का pixel size बता देता है।
Half-drop और दूसरे repeats भी rotary पर चलते हैं, बस पूरा vertical repeat circumference में बँटना चाहिए। Flatbed screens की limit flat screen के size की होती है, पर वो rotary cylinder से लंबे repeat ले सकती हैं।
Flatbed, rotary या digital
तीनों तरीकों में मुख्य फर्क set-up खर्च और speed का है, इसलिए order quantity (MOQ) तय करती है कि कौन सा ठीक रहेगा।
| Flatbed screen | Rotary screen | Digital (inkjet) | |
|---|---|---|---|
| Separation चाहिए? | हाँ, हर colour की एक flat screen | हाँ, हर colour का एक cylinder | नहीं |
| Repeat की limit | Flat screen का size | Screen circumference (640, 819, 914, 1018 mm और दूसरे) | असल में कोई repeat limit नहीं |
| आम speed | 15 से 25 yards per minute | 27 से 54 मीटर per minute, कुछ machines पर ज़्यादा | Scanning machines पर काफ़ी धीमी; single-pass machines बहुत तेज़ |
| Colours | हर screen पर एक | हर screen पर एक, machine की screen count तक | कितने भी |
| किसके लिए सही | बड़े repeat, placement prints, border और पल्लू | Allover कपड़े के लंबे order | Sampling, छोटे order, ढेर सारे colorways, photographic designs |
Digital कहाँ तक सस्ता रहता है? छपे हुए अंदाज़े अलग-अलग हैं, पर आपस में मिलते-जुलते हैं:
- Gherzi की एक study, जिसे एक rotary screen और printer बनाने वाली company ने quote किया, break-even लगभग 1,200 मीटर प्रति design पर रखती है। इससे कम में digital सस्ता, लगभग 1,000 से 3,000 मीटर के बीच job पर depend करता है, और उससे ऊपर rotary आगे है।
- एक textile industry blog का मोटा नियम है: 2,000 मीटर से कम हो तो digital, 5,000 मीटर से ऊपर rotary, और बीच का फ़ैसला colours और colorways की संख्या से होता है।
- 2018 वाली Indian तुलना, जिसका ऊपर ज़िक्र है, कहती है कि 3 से 4 colorways वाले design में digital लगभग 2,500 मीटर तक फ़ायदे का है।
Indian designer के लिए हिसाब सीधा है। किसी boutique का 200 मीटर का placement print kurti order digital पर जाएगा, न screen, न separation।
कोई dress material mill जो एक allover design के कुछ colorways में कई हज़ार मीटर print कर रही है, वो rotary चलाएगी, और वहाँ separation का खर्च आराम से निकल आता है।
सुझाव: Sample digital पर निकालें, order लें, और सिर्फ़ वही designs rotary पर ले जाएँ जो ज़्यादा मात्रा में बिकते हैं। Rotary में समय ज़्यादा लगता है, क्योंकि screens engrave होनी हैं और strike-off approve होना है।
File तैयार करना
चाहे separation खुद करें या किसी separation artist को दें, साफ़ file से कई दिन बचते हैं। भेजने से पहले:
- Colour count पक्का करें। तय करें printer कितनी inks लगाएगा और design को उतने colours में लाएँ। File name में लिख दें, जैसे "rose-border_8col_640.psd"।
- Repeat को screen से मिलाएँ। Mill जो circumference इस्तेमाल करती है, उसी से vertical repeat match करें, और offset से जोड़ check करें।
- Full size पर काम करें। Engraver जो final print size और resolution माँगे, उसी पर separation करें। छोटी file को बाद में बड़ा करने से हर screen पर धुंधले, सीढ़ी जैसे edges आते हैं।
- Soft edges हटाएँ। Anti-aliased या blur वाले edges बीच के ऐसे colours बनाते हैं जो किसी screen के नहीं होते। Hard edges वाले flat colours साफ़ separate होते हैं।
- बारीक लाइनें print होने लायक रखें। बहुत पतली लाइनें और छोटे dots मोटी screen पर शायद न टिकें। Minimum line width पूछ लें।
- हर channel का नाम रखें। Spot channels का नाम ink और क्रम से रखें, जैसे "1 navy ground", "2 red", "3 yellow"।
सावधान: ऐसे format में save करें जो channels रखे। PSD और TIFF में spot channels रहते हैं। JPG में नहीं, और WhatsApp पर JPG में भेजे गए design में compression noise होगा जिसे पहले साफ़ करना पड़ेगा।
अगर आपकी separated file print width के लिए छोटी है, तो हमारा AI image upscaler spot channels वाली multichannel PSD, TIFF और दूसरे formats लेता है, और design को 4× या 8× बड़ा करता है।
आम गलतियाँ
- बहुत सारे मिलते-जुलते colours। Scan में तीन थोड़े अलग red तीन screen बन जाते हैं। Colour कम करने वाले step में इन्हें एक कर दें।
- Trap नहीं दिया। जो colours सिर्फ़ किनारे पर छूते हैं, उनके बीच कपड़े पर सफ़ेद gap दिखता है।
- गहरी inks में ज़्यादा trap। दो तेज़ colours का चौड़ा overlap गहरी लाइन print करता है, यानी बिन बुलाया fall-on।
- Screen के लिए गलत repeat। 640 mm cylinder पर 30 cm repeat हर चक्कर पर जोड़ छोड़ता है।
- Compressed JPG से separation। JPG का noise हर screen पर दाने बनकर आता है। TIFF, PSD या PNG से शुरू करें।
- Colorways भूल जाना। अगर buyer को चार colorways चाहिए, तो check करें कि separation चारों में चले। जो fall-on एक palette में अच्छा लगे, वो दूसरे में मटमैला लग सकता है।
हमारा Channel Separation tool, जो design को screen printing के लिए spot colour channels में बाँटता है, जल्द आ रहा है। Colour separation page पर waitlist join करें, खुलते ही आपको पता चल जाएगा।
तब तक, अगर आपका design या उसकी separations print size के लिए छोटी हैं, तो AI image upscaler आज़माइए, जो spot channels वाली multichannel PSD पहले से पढ़ लेता है।
लोग जो पूछते हैं
Spot colour separation क्या होता है?
Design का हर colour अपनी अलग ink के रूप में मिलाया जाता है और अपनी अलग screen से print होता है। Separation file में हर ink का एक channel होता है, आमतौर पर black और white, जो दिखाता है कि वो ink कहाँ-कहाँ पड़ेगी।
Rotary printing machine कितने colour print कर सकती है?
ये इस पर depend करता है कि machine में कितनी screen positions हैं। Industry sources में लगभग 12 से 24 screen वाली rotary machines का ज़िक्र है, और fall-on overlap से बिना extra screen के कुछ shades और मिल सकते हैं।
क्या rotary printing, digital printing से सस्ती है?
सिर्फ़ लंबे order में। Industry की तुलनाओं में break-even लगभग 1,200 से 5,000 मीटर प्रति design के बीच बताया गया है, जो colours की संख्या, colorways और local labour के खर्च पर depend करता है। इससे कम में digital आमतौर पर सस्ता पड़ता है।
क्या Photoshop की जगह CorelDRAW में colour separation कर सकते हैं?
हाँ, flat fill वाले vector artwork में हर ink को अपना spot colour देकर separation print कर सकते हैं। Scan किए हुए या painted designs में Photoshop या textile CAD program आसान रहते हैं, क्योंकि पहले colours कम करके साफ़ करने पड़ते हैं।
Screen engraver को कौन सी file भेजें?
पहले engraver से पूछ लें। आमतौर पर layered या multichannel PSD, या हर screen के लिए एक spot channel वाली TIFF भेजी जाती है, screen के size और repeat पर, और file name में colour count और repeat लिखा हो।